LIC IPO के लिए रविवार को भी खुली रहेंगी बैंक की शाखाएं,

LIC IPO के लिए रविवार को भी खुली रहेंगी बैंक की शाखाएं,

LIC IPO के लिए सरकार के कहने पर आरबीआई ने फैसला किया है कि जिन बैंकों के ज़रिए एलआईसी एप्लिकेशन का प्रोसेस किया जाना है, वे सभी रविवार को भी खुले रहेंगे.

LIC IPO के लिए सरकार के कहने पर आरबीआई ने फैसला किया है कि जिन बैंकों के ज़रिए एलआईसी एप्लिकेशन का प्रोसेस किया जाना है, वे सभी रविवार को भी खुले रहेंगे.

आरबीआई ने बुधवार को एक बयान में कहा कि भारत सरकार ने एलआईसी आईपीओ में पैसा लगाने वाले आम लोगों की सुविधा के लिए

आरबीआई ने बुधवार को एक बयान में कहा कि भारत सरकार ने एलआईसी आईपीओ में पैसा लगाने वाले आम लोगों की सुविधा के लिए

अनुरोध किया है कि ASBA- डेजिग्नेटेड बैंक (एप्लिकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अकाउंट) की शाखाओं को 8 मई, 2022 (रविवार) को खुला रखा जा सकता है.

अनुरोध किया है कि ASBA- डेजिग्नेटेड बैंक (एप्लिकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अकाउंट) की शाखाओं को 8 मई, 2022 (रविवार) को खुला रखा जा सकता है.

आरबीआई ने आगे कहा, “मामले की जांच की गई है और हमने निर्णय लिया है कि बैंक 8 मई, 2022, रविवार को अपनी सभी ASBA-डेजिग्नेटेड शाखाएं खोल सकते हैं.”

आरबीआई ने आगे कहा, “मामले की जांच की गई है और हमने निर्णय लिया है कि बैंक 8 मई, 2022, रविवार को अपनी सभी ASBA-डेजिग्नेटेड शाखाएं खोल सकते हैं.”

देश का अब तक का सबसे बड़ा एलआईसी आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है.

देश का अब तक का सबसे बड़ा एलआईसी आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है.

निवेशक इस इश्यू में 9 मई तक पैसे लगा सकते हैं.

निवेशक इस इश्यू में 9 मई तक पैसे लगा सकते हैं.

एलआईसी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के पहले दिन 65 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका है

एलआईसी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के पहले दिन 65 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका है

पॉलिसीधारकों और कर्मियों के लिए आरक्षित हिस्सा ओवरसब्सक्राइब हुआ है.

पॉलिसीधारकों और कर्मियों के लिए आरक्षित हिस्सा ओवरसब्सक्राइब हुआ है.

वहीं बीएसई पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक सबसे कम बोली नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) के हिस्से के लिए मिली है.

वहीं बीएसई पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक सबसे कम बोली नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) के हिस्से के लिए मिली है.

सरकार का लक्ष्य एलआईसी में अपनी 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी कम करने की है. सरकार इस आईपीओ के ज़रिए 21,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है.

सरकार का लक्ष्य एलआईसी में अपनी 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी कम करने की है. सरकार इस आईपीओ के ज़रिए 21,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है.