जानें किन-किन देशों में फैल चुका है मंकीपॉक्‍स क्या ये वायरस भारत में भी आ गया है 

जानें किन-किन देशों में फैल चुका है मंकीपॉक्‍स क्या ये वायरस भारत में भी आ गया है 

मंकीपॉक्‍स ने खतरे की घंटी बजा दी है। महज 15 दिनों में यह वायरस 15 मुल्‍कों में पहुंच गया है।

मंकीपॉक्‍स ने खतरे की घंटी बजा दी है। महज 15 दिनों में यह वायरस 15 मुल्‍कों में पहुंच गया है।

राहत की बात यह है कि अभी इससे मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

राहत की बात यह है कि अभी इससे मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया है। 

दुनिया में मंकीपॉक्‍स के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत भी अलर्ट है। स्थितियों पर करीब से नजर रखी जा रही है।

दुनिया में मंकीपॉक्‍स के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत भी अलर्ट है। स्थितियों पर करीब से नजर रखी जा रही है।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) की वॉर्निंग से समझा जा सकता है कि इस बीमारी को हल्‍के में नहीं लिया जा सकता है।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) की वॉर्निंग से समझा जा सकता है कि इस बीमारी को हल्‍के में नहीं लिया जा सकता है। 

उसने कहा है कि किसी देश में इसका एक केस भी मिलता है तो उसे आउटब्रेक मान लिया जाएगा।

उसने कहा है कि किसी देश में इसका एक केस भी मिलता है तो उसे आउटब्रेक मान लिया जाएगा। 

सवाल है कि यूरोप में हलचल मचाने वाले मंकीपॉक्‍स से भारत को कितना खतरा है?

सवाल है कि यूरोप में हलचल मचाने वाले मंकीपॉक्‍स से भारत को कितना खतरा है?  

यह बीमारी किन-किन देशों में फैल गई है? इसके लक्षण क्‍या हैं? क्‍यों यह बीमारी तेजी से फैल रही है? भारत में इससे निपटने की किस तरह की तैयारी है?

यह बीमारी किन-किन देशों में फैल गई है? इसके लक्षण क्‍या हैं? क्‍यों यह बीमारी तेजी से फैल रही है? भारत में इससे निपटने की किस तरह की तैयारी है?

आइए, यहां इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।

आइए, यहां इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं। 

मंकीपॉक्‍स का सबसे ज्‍यादा कहर यूरोप में है। हालांकि, दूसरे देशों में भी यह बीमारी फैल रही है। 15 दिनों में 15 मुल्‍कों में इस बीमारी ने पांव फैला लिए हैं।

मंकीपॉक्‍स का सबसे ज्‍यादा कहर यूरोप में है। हालांकि, दूसरे देशों में भी यह बीमारी फैल रही है। 15 दिनों में 15 मुल्‍कों में इस बीमारी ने पांव फैला लिए हैं। 

इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, स्वीडन, स्पेन, पुर्तगाल, ऑस्‍ट्रलिया, जर्मनी, इजरायल, कनाडा, नीदरलैंड्स, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।

इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, स्वीडन, स्पेन, पुर्तगाल, ऑस्‍ट्रलिया, जर्मनी, इजरायल, कनाडा, नीदरलैंड्स, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। 

इसका ट्रांसमिशन रेट 3.3 फीसदी से 30 फीसदी तक माना गया है। लेकिन, हाल ही में कांगो में यह रेट 73 फीसदी था।

इसका ट्रांसमिशन रेट 3.3 फीसदी से 30 फीसदी तक माना गया है। लेकिन, हाल ही में कांगो में यह रेट 73 फीसदी था। 

वायरस कटी-फटी त्वचा, श्वास नली या आंख, नाक या मुंह के जरिये शरीर में एंट्री करता है।

वायरस कटी-फटी त्वचा, श्वास नली या आंख, नाक या मुंह के जरिये शरीर में एंट्री करता है। 

यह किसी संक्रमित व्यक्ति या उसके कपड़ों या चादरों के संपर्क के माध्यम से फैल सकता है।

यह किसी संक्रमित व्यक्ति या उसके कपड़ों या चादरों के संपर्क के माध्यम से फैल सकता है। 

लेकिन अभी तक यौन जनित संक्रमण का दस्तावेजीकरण नहीं किया गया है। अधिकतर लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है।

लेकिन अभी तक यौन जनित संक्रमण का दस्तावेजीकरण नहीं किया गया है। अधिकतर लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है। 

कुछ हफ्तों के भीतर लोग बीमारी से ठीक हो जाते हैं। चेचक के खिलाफ टीके मंकीपॉक्स को रोकने में भी प्रभावी हैं। कुछ एंटीवायरल दवाएं विकसित की जा रही हैं।

कुछ हफ्तों के भीतर लोग बीमारी से ठीक हो जाते हैं। चेचक के खिलाफ टीके मंकीपॉक्स को रोकने में भी प्रभावी हैं। कुछ एंटीवायरल दवाएं विकसित की जा रही हैं।